Tuesday, 29 December 2020

सबसे ऊंची अवस्था, धर्म की ज्योति-

धर्म की ज्योति'' सबसे  ऊंची अवस्था -

        मनुष्य धार्मिक बने और अपने- अपने धर्म को पहचाने ।संप्रदाय भले ही अनेक हो धर्म एक ही होता है, और धर्मवान, मनुष्य सदाचारी और सिलवान बन सकता है  ।


सबसे ऊंची अवस्था-  सबसे ऊंची अवस्था यह है कि मनुष्य सुख - दु:ख, हर्ष, सुख, जय पराजय, हानि, लाभ में एक जैसा ही रहे ना खुशी के समय फुले, नाराज किस में उदासी लाए यही द्वंदातीत  अवस्था है यही मोक्ष है यही सबसे ऊंची अवस्था  है  ।

#अनमोल जीवन #सच्चा ज्ञान #मनोरंजन #धर्म #डेली सुविचार #सुखदुख 

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